मंडुआ/रागी के फायदे | What are amazing Mandua/Ragi Benefits In Hindi | Uttarakhand Pahadi Mandua |

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मंडुआ या रागी के फायदे | Uttarakhand | Mandua/Ragi Benefits in Hindi |

मँड़ुआ को पहाड़ में “कोदा” नाम से जाना जाता है। कई लोग इसे “रागी” नाम से जानते हैं। मंडुआ सदियों से आहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है लेकिन समय के साथ मंडुवे की जगह गेंहू ने ले ली। धीरे-धीरे खेती में नए-नए रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ने लगा जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर हो रहा है. इसके साथ यह भी पाया गया कि आधुनिक अनाज, पारम्परिक अनाजों की तुलना में सेहतमंद नहीं हैं. यही वजह है की आज लोग फिर से पारम्परिक मोटे अनाजों का रुख कर रहे।

क्या होता है मंडुआ/रागी? What Is Mandua/Ragi?

मंडुवे का दाना गेँहू के दाने से आकार में छोटा और गोल होता है तथा इसका रंग लाल-भूरा सा होता है. इसे गेँहू की ही तरह पीस कर आटे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. मंडुवे को आमतौर पर रोटी बनाकर खाया जाता है. इसके साथ ही पहाड़ के लोग मंडुआ का इस्तेमाल कर कई प्रकार के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन भी बनाते हैं।  मंडुआ का वनस्पतिक नाम एलुसाइनी कोराकैना(Eleusine coracana (Linn.) Gaertn) है।

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मंडुआ का पौधा
मंडुआ के पौधे की कटाई ठीक वैसे ही होती है जैसे गेंहूं के पौधे की कटाई होती है। इसके बाद मशीन में पौधे से मंडुआ के दाने को अलग किया जाता है।

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मंडुआ का दाना

इसके बाद चक्की में मंडुआ के दानों को पीस कर आटा बना लिया जाता है। मंडुआ/रागी का आटा दिखने में हल्का भूरा-लाल रंग का होता है।

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मंडुआ का आटा

अलग भाषा में मंडुआ के नाम | Mandua/Ragi name in different languages |

अलग अलग क्षेत्रों में मंडुआ को अलग अलग नाम से जाना जाता है। 

  • Mandua/Ragi in Hindi  – मंडुआ, रागी, मकरा, मंडल, रोत्का 
  • Mandua/Ragi in Uttarakhand Garhwali – कोदा
  • Mandua/Ragi in English – कोराकैन मिलेट (Coracan millet), इण्डियन मिलेट (Indian millet), अफ्राप्कन मिलेट (African millet), पोको ग्रास (Poko grass), Finger millet (फिंगर मिलेट)
  • Mandua/Ragi in Sanskrit – मधूलिका, नर्तक, नृत्यकुण्डल, बहुपत्रक, भूचरा, कठिन, कणिश
  • Mandua/Ragi in Oriya – मांडिया (Mandia);उर्दू-मंडवा (Mandwa)
  • Mandua/Ragi in Assamese – मरूबा धान (Maruba dhan)
  • Mandua/Ragi in Konkani – गोन्ड्डो (Gonddo), नाचणे (Nachne)
  • Mandua/Ragi in Kannada – रागी (Ragi)
  • Mandua/Ragi in Gujarati – पागली (Pagali), बावतोनागली (Bavtonagli), नावतोनागली (Navtonagli)
  • Mandua/Ragi in Bengali – मरुआ (Marua)
  • Mandua/Ragi in Tamil – केलवारागू (Kelvaragu), कयुर (Kayur)
  • Mandua/Ragi in Telugu – रागुलु (Ragulu)
  • Mandua/Ragi in Nepali – कोदो (Kodo)
  • Mandua/Ragi in Punjabi – चालोडरा (Chalodra), कोदा (Koda), कोदों (Kodon), मंधल (Mandhal)
  • Mandua/Ragi in Marathi (Ragi in marathi) – नचीरी (Nachiri), नगली (Nagli), नाचणी (Nachini)
  • Mandua/Ragi in Malayalam – मुत्तरि (Muttari)
  • Mandua/Ragi in Rajasthani – रागी (Ragi)
  • Mandua/Ragi in Arabic – तैलाबौन (Tailabon)
  • Mandua/Ragi in Persian – मन्डवाह (Mandwah)

मंडुआ का आटा सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है और यही वजह है की पहाड़ों में पैदा किया जाने वाला यह मंडुआ आज देश विदेश में प्रसिद्ध हो रहा है। आइये जानते हैं किस तरह से मंडुआ का आटा हमारे लिए गुणकारी है…

मंडुआ/रागी के फायदे | Mandua/Ragi Benefits in Hindi |

  •   मंडुआ में आइरन प्रचुर मात्रा में होता है जो रक्त के लिए काफी लाभदायक होता है.
  • मंडुआ में फैट बहुत काम मात्रा में होता है जो की मोटापा घटाने में सहायक है.
  • मंडुआ में कैल्शियम बहुत मात्रा में होता है जो हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक होता है.
  • आसानी से पाचन हो जाने के गुण के कारण मंडुवे का आटा पेट सम्बंधित समस्याओं में काफी लाभदायक होता है.
  • औरतों में बच्चा पैदा होने के बाद होने वाली दूध की कमी को मंडुआ का इस्तेमाल कर आसानी से पूरा किया जा सकता है.
  • मंडुआ डाइबिटीज के मरीजों के लिए उत्तम माना जाता है क्यूंकि इसमें शुगर काम मात्रा में तथा फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.

ऐसे ही अनगिनत फायदों से युक्त मंडुआ का इस्तेमाल कर के शरीर में होने वाली कई स्वास्थ्यवर्धक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है. पहाड़ के लोग मंडुआ का इस्तेमाल कर कई सारे व्यंजन बनाया करते हैं, आजकल तो उत्तराखंड में मंडुआ का इस्तेमाल कर बर्फी और बिस्कुट बनाये जा रहे हैं. मंडुआ का बिस्कुट और बर्फी का यह व्यापार काफी सफल भी हो रहा है. इसके साथ ही मंडुआ के मोमो भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। 

मंडुआ/रागी का आटा किसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए | Mandua/Ragi

जहां एक तरफ मंडुआ के आटे के बहुत फायदे हैं वहीं इसका इस्तेमाल करने वालों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1: मंडुआ आटा का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को कब्ज या पेट की गैस की दिक्कत हो सकती है।
2: थायराइड के मरीजों को भी ज्यादा रागी के आटे का सेवन नहीं करना चाहिए।
3: किडनी स्टोन के मरीजों को भी ज्यादा मंडुआ आटा का सेवन नहीं करना चाहिए।
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