उत्तराखंड के सबसे अच्छे विंटर ट्रेक | Best amazing winter trek in Uttarakhand | How to reach guide in Hindi |

0
689

 उत्तराखंड के सबसे अच्छे विंटर ट्रेक | Best Winter Treks in Uttarakhand India | December Travel guide in Hindi |

 उत्तराखंड अपनी पहाड़ी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है और उत्तराखंड की खूबसूरती में यहां के ट्रेकिंग पॉइंट चार चांद लगाते हैं। उत्तराखंड में काफी सारे रोमांचक और खूबसूरत ट्रेक हैं जहां लाखों पर्यटक हर साल पहुंचते हैं। उत्तराखंड के सभी ट्रेकिंग स्थानों के बारे में एक बार में बता पाना लगभग असंभव है। आज के इस आर्टिकल में हम ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध विंटर ट्रेक के बारे में बताने की कोशिश की है। हमारे द्वारा चुने गए कुछ ट्रेक इस प्रकार हैं।

 MUST READ गरतांग गली ट्रेक उत्तरकाशी उत्तराखंड | Gartangali Bridge Uttarkashi Uttarakhand Travel Guide Hindi |

केदारकांठा ट्रेक, उत्तरकाशी | Kedarkantha trek | Uttarakhand Best Winter Treks |

best winter trek in uttarakhand india december in hindi

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गोविंद पाशु विहार राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित केदारकांठा ट्रेक, एक रोमांचकारी शिखर ट्रेक है जो नए ट्रेकर्स के लिए अच्छा ट्रेक माना जाता है। केदारकांठा ट्रेक समुद्र तल से 3810 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचता है जहां से कुछ प्रसिद्ध हिमालयी चोटियों जैसे स्वर्गारोहिणी, बंदरपूंछ, काली चोटी, यमुनोत्री और गंगोत्री पर्वतमाला में रंगलाना के 360 डिग्री के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं।

dehradun to auli distance and camping

शिखर तक चढ़ना इस ट्रेक की लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। सुबह के तड़के ठंडे तापमान में केदारकांठा शिखर तक ट्रेक करते हुए सूर्योदय के लिए पहुंचना ट्रेकर्स के बीच खासा चर्चित है।

लगभग 4-5 दिनों की अवधि में 20 किमी से अधिक लंबा, यह ट्रेक पहली बार ट्रेक करने आये ट्रेकर्स के लिए उपयुक्त है। केदारकांठा ट्रेक, सांकरी गाँव से शुरू होता है। सांकरी से घने सुंदर जंगलों के बीच कई लकड़ी के पुलों और धाराओं से होते हुए ट्रेक शिखर तक पहुंचता है।

MUST READ देहरादून से केदारकांठा ट्रेक की दूरी | Kedarkantha Trek Distance from Dehradun | Travel Guide in Hindi |

तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक, रुद्रप्रयाग | Tungnath and Chandrashila Trek | Uttarakhand Best Winter Treks |

तुंगनाथ और चंद्रशिला ट्रेक रुद्रप्रयाग जिले में पड़ते हैं। ट्रेक की शुरूआत चोपता से होती है। चोपता से तुंगनाथ तक का ट्रेक लगभग 3.5 किमी है और तुंगनाथ से 1.5 किमी दूर चंद्रशिला शिखर है। तुंगनाथ मंदिर उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदार मंदिरों में से एक है। तुंगनाथ मंदिर भगवान शिव का सबसे ऊंचाई पर बना मंदिर है।

dehradun to auli distance

हरे-भरे घास के मैदान के साथ राजसी हिमालय के शानदार दृश्य इस ट्रेक को अद्भुत बना देते है। चोपता चंद्रशिला ट्रेक समुद्र तल से 13100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह छोटा से स्थान उत्तराखंड की सुंदरता और प्रामाणिक परंपराओं से भरा है।

हर की दून ट्रेक, उत्तरकाशी | Har ki dun trek | Uttarakhand Best Winter Treks |

best winter trek in uttarakhand india december in hindi

हर की दून या देवताओं की घाटी उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गढ़वाल हिमालय में स्थित है। समुद्र तल से लगभग 3,500 मीटर पर, हर की दून देश का सबसे भव्य नदी घाटी ट्रेक में से एक है। यहां अलग अलग तरह की वनस्पति और जीव, बड़े परिदृश्य, पहाड़ों में बसे अनोखे गांव और विशाल, विस्तृत घास के मैदान ट्रेकर्स  को आश्चर्यचकित कर देते हैं। ट्रेक शानदार सुपिन नदी के साथ-साथ आगे बढ़ता है, सुंदर गढ़वाल गांवों के किनारे बहने वाली साफ पानी की धाराओं से होते हुए जाता है।

दयारा बुग्याल ट्रेक, उत्तरकाशी | Dayara Bugyal trek | Uttarakhand India Best Winter Treks |

best winter trek in uttarakhand india december in hindi

दयारा बुग्याल एक घास का मैदान है जो उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री मार्ग पर है। ट्रेक को सामान्यता 3 दिनों से 5 दिनों में किया जा सकता है। दयारा बुग्याल ट्रेक किसी भी 2 बेस कैम्प से शुरू किया जा सकता है। 2 बेस कैम्प रैथल और बारसू गांव हैं। एक अच्छा विकल्प यह हो सकता है कि ट्रेक को रैथल से ट्रेक शुरू कर, बारसू गांव में खत्म किया जा सकता है। दयारा घास के मैदान अपनी सुंदरता के लिए जाने जाते हैं और हरे भरे घास के मैदान सर्दियों के महीनों के दौरान एक विशाल बर्फ के मैदान में बदल जाते हैं और स्कीइंग या स्नोबोर्डिंग के लिए भी आदर्श होते हैं।

best winter trek uttarakhand backpack buy at amazon

ब्रह्मताल ट्रेक, चमोली | Brahmatal Trek | Uttarakhand Best Winter Treks |

चमोली जिले में लगभग 12150 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित ब्रह्मताल ट्रेक को देश भर में ट्रेकिंग स्थलों की लंबी सूची में ‘ऑल इन वन पैकेज’ के रूप में माना जाता है। लगभग 24 किमी के विस्तार तक फैला, ब्रह्मताल ट्रेक आपको सुंदर सबसे शानदार हिमालय की चोटियों जैसे माउंट चौखंबा, माउंट नीलकंठ, और माउंट हाथी घोड़ा के दृश्य प्रदान करता है।

इस ट्रेक की सुंदरता, शानदार पहाड़ों से लेकर बर्फ से लदी पगडंडियों, शांत झीलें और हरे-भरे जंगल ट्रेकर्स को काफी मंत्रमुग्ध कर देती है।

डोडी ताल ट्रेक, उत्तरकाशी | Dodi Tal trek | Uttarakhand Best Winter Treks |

best winter trek in uttarakhand india december in hindi

डोडीताल लगभग 13300 फ़ीट की ऊंचाई पर उत्तरकाशी में स्थित मीठे पानी की झील है। अगोरा या बेबरा गाँव में रात भर रुकने के विकल्प के साथ यह एक सौम्य ट्रेक है जो सर्दियों में बहुत आकर्षक दृश्य प्रदान करता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान गणेश ने इस स्थान को अपने निवास के रूप में चुना था। यहां भगवान गणेश को समर्पित एक मंदिर है।  इस झील का दूसरा नाम ‘धुंडीताल’ है जिसका अर्थ है गणेश का ताल या गणेश की झील। डोडीताल ट्रेक लगभग 26 किलोमीटर का है जिसे सामान्यता 4-6 दिन में किया जाता है।

नाग टिब्बा ट्रेक, उत्तरकाशी | Nag tibba trek | Uttarakhand India Best Winter Treks |

नाग टिब्बा ट्रेक सभी ट्रेक-प्रेमियों के लिए जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो देहरादून और मसूरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं। लगभग 9,910 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाग टिब्बा, गढ़वाल हिमालय रेंज की सबसे ऊंची चोटी है। यहां पहुंचने वाले ट्रेकर्स के लिए बहुत सी चीजें हैं। यह मसूरी के पास सबसे रोमांचक जगहों में से एक है, जो केवल 3 घंटे की ड्राइव दूर है। नाग टिब्बा ट्रेक को उत्तराखंड में सबसे अच्छे ट्रेक में से एक माना जाता है, खासकर शुरुआती लोगों के लिए। नाग टिब्बा ट्रेक को सर्दियों के साथ साथ पूरे वर्ष के लिए अनुकूल माना जाता है।

ऊपर बताये गए ट्रेकिंग स्थान सर्दियों के समय बहुत ठन्डे रहते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों को उचित गर्म कपड़ों के साथ यहाँ पहुंचना चाहिए। साथ ही रुकने के लिए पहले से ही प्रबंध कर लें। किसी भी प्रकार की बुकिंग के लिए पहाड़ीGlimpse से संपर्क करें। ट्रेक के दौरान जंगली जानवरों से सावधान रहें।

हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
हमारे इंस्टाग्राम पेज को फॉलो करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

पहाड़ीGlimpse के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।